BJP UP Cabinet Minister Sanjay Nishad got angry when he was reminded of fulfilling the promises made to the Mallah community at the wedding ceremony and abused the workers.
मीडिया टुडे न्यूज़। देश में एक तरफ लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनैतिक पार्टियां नए नए वादे खुले मंच से जनता से कर रही है वही यूपी में भाजपा के पिछले चुनावों में किए वायदे को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, मिली जानकारी के अनुसार यूपी में BJP Cabinet minister Sanjay Nishad एक शादी समारोह में पहुंचे थे, जहां उनसे कश्यप निषाद मल्लाह समाज ने समाज से किए वायदों, भाजपा सरकार से न्याय दिलाने, 18 जातियों उपजातियों जिसमें कश्यप निषाद मल्लाह हैं उन्हें अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने संबंधी वायदों की याद दिलाई तो मंत्री महोदय को गुस्सा आ गया जिसके बाद उन्होंने मुक्के से अपने कार्यकर्ता को पीटा और मां बहन की गाली दी।
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Bjp UP Cabinet minister Sanjay Nishad महोदय का राज खुल गया तो वे विक्टिम कार्ड खेलकर समाजवादी पार्टी पर अनर्गल आरोप लगा रहे
मंत्री के इस आरोप के बाद समाजवादी पार्टी ने अपने बयान में कहा कि पार्टी दलितों, पिछड़ों के मौलिक और संवैधानिक अधिकारों को देने दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, और समाज के मुद्दों और वोटों का सौदा भाजपा से करने वालों की निंदा करती है, समाजवादी पार्टी हिंसा और बहस के बजाय वोट की चोट के माध्यम से किसी भी समस्या या मांग का समाधान निकालने की पैरोकार है, अतः मंत्री महोदय जो समाज से किए अपने वायदों के प्रति झूठे साबित हुए हैं वे समाजवादी पार्टी का सहारा लेकर अपनी नाकामियां ना छिपाएं।
शादी के समारोह में दोनो गुटो की झड़प में मंत्री के साथ हाथापाई से उनके नाक के पास चोट आ गई जिससे नाक के ऊपर खून आने की हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। हमले की खबर मिलते ही सांसद प्रवीण निषाद, संजय निषाद के सैकड़ों समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और धरना दिया।
एएसपी संत कबीर नगर शशि शेखर सिंह ने बताया कि कैबिनेट मंत्री संजय निषाद मोहम्मद पुर कठार गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने उनसे तीखी नोकझोंक की और फिर उनके साथ मारपीट की।
पुलिस अधीक्षक सत्यजीत रे अस्पताल पहुंचे और मंत्री के कार्मिक सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) विनोद कुमार सिंह से शिकायत प्राप्त की। उन्होंने कहा, “ग्राम प्रधान राधेश्याम यादव, जय प्रकाश यादव उर्फ कवि, दुर्ग विजय यादव, अभिषेक यादव और चार अन्य लोगों सहित आठ लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 143, 323 और 306 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है।” उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पुलिस कर्मी अन्य हमलावरों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं।
यह घटना रविवार देर रात मोहम्मदपुर कठार गांव में हुई, जहां निषाद से लोगों के एक समूह ने उनके काम और उनके सांसद बेटे की निर्वाचन क्षेत्र से अनुपस्थिति के बारे में सवाल पूछे।
डॉ. संजय निषाद ने सुरक्षा चूक के बारे में भी चिंता जताई क्योंकि उनके आधिकारिक सुरक्षाकर्मी उग्र भीड़ के बावजूद चुप रहे, और उन्होंने उचित सुरक्षा व्यवस्था करने में विफल रहने के लिए स्थानीय खुफिया और पुलिस कर्मियों की ढिलाई की आलोचना की।
हमलावर सपा समर्थक थे: BJP Cabinet Minister संजय निषाद
इस घटना के विषय पर डॉ. संजय निषाद ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमलावर समाजवादी पार्टी (सपा) के समर्थक थे और उन्हें गुंडे बताया। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने अधिकांश उपद्रवियों पर नकेल कस दी है, लेकिन कुछ अभी भी सक्रिय हैं और आने वाले दिनों में उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
सूत्रों ने दावा किया कि निषाद ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ़ आक्रामक टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने गुंडों को संरक्षण देने का आरोप लगाया, जिसके बाद तीखी बहस हुई और हाथापाई की नौबत आ गई। घटना का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें डॉ. संजय निषाद एक युवक पर हाथ उठाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
बहरहाल इस घटना के बाद यूपी और देश में निषाद समाज के लोगो में भाजपा/केंद्र सरकार को लेकर यह प्रमुख चर्चा का विषय बन गया है। जिसके बाद निषाद मल्लाह समाज की 18 जातियों के लोगो द्वारा बैठकों का दौर शुरू हो चुका है, यही वजह है कि इस लोकसभा चुनाव में खासकर यूपी में भाजपा की हवा टाइट हो गई है। चुनावी मौसम के पिक समय में इस तरह की घटना होना और निषाद समाज की नब्ज पर जो चोट हुई है वह भाजपा के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है चूंकि उत्तरप्रदेश से ही भाजपा के जीत का रास्ता निकलता है पर इस बार पिछली चुनाव की तुलना में लोकसभा सीट जितना आसान नहीं होगा क्योंकि अब जनता भी बहुत कुछ समझ चूंकि है और पुराने वायदे को मनवाने के लिए उग्र होती जा रही है। अगर भाजपा ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया तो बड़े नुकसान की आशंका से नकारा नहीं जा सकता है।